
झांसी। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्युरी में एक महिला की लाश की स्थिति देखकर परिजन दंग रह गए। महिला का शव पोस्टमॉर्टम कराने के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया था, लेकिन जब परिजन डेडबॉडी लेने पहुंचे तो लाश के कान और आंख गायब थे और कॉकरोच शव पर रेंग रहे थे। परिजनों ने मॉर्च्युरी स्टाफ की साफ लापरवाही का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया।
महिला के भाई सक्षम पटेल ने बताया कि मॉर्च्युरी में शव रखने के लिए उन्हें 400 रुपए शुल्क चुकाना पड़ा था। उन्होंने कहा, “जब शव को रखा गया था, तब कंडीशन ठीक थी। लेकिन अगले दिन जब डेडबॉडी लेने पहुंचे, तो कान और आंख गायब थे। साफ तौर पर चूहे और कॉकरोच ने शव को नुकसान पहुंचाया है। हमने CMS से शिकायत की है और मामले की जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।”
जानकारी के अनुसार मृतक क्रांति देवी (26) गुरसराय के सिरबो गांव की रहने वाली थीं। उनकी शादी लगभग 8 साल पहले टीकमगढ़ के सतवारा गांव के प्रीतम पटेल से हुई थी। पति शराब पीकर झगड़ा करता था, जिससे क्रांति मायके आ गई थीं। 28 नवंबर को परिजन खेत पर गए हुए थे और घर पर क्रांति और उनकी भाभी थीं। इसी दौरान क्रांति ने जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गुरसराय CHC ले जाया गया और वहां से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। क्रांति की कोई संतान नहीं थी।
यह मामला मॉर्च्युरी में लाशों की सुरक्षा और स्टाफ की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।








