
प्रयागराज। बुधवार तड़के करीब 4 बजे राजापुर स्थित गंगानगर की गली नंबर-12 में एक दोमंजिला मकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी लपटों में ले लिया। हादसे के वक्त मकान में मौजूद 15 लोग धुएं और आग की चपेट में फंस गए। आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर सभी को बाहर निकाला, लेकिन एक परिवार पर भारी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
चार बजे लगी आग, मिनटों में फैल गई लपटें
भूतल पर बने कमरे में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। मकान के मालिक दिवंगत पन्नालाल के चारों बेटे अपने परिवार के साथ अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। गली से गुजर रहे दो छात्रों ने धुआं उठता देख शोर मचाया, जिसके बाद पड़ोसी मौके पर पहुंचे।
थोड़ी ही देर में धुआं पूरे घर में फैल गया और 15 सदस्यों का परिवार अंदर फंस गया। लोगों ने किचन की खिड़की तोड़कर और पड़ोसी की छत की मदद से रिस्क्यू किया।
दम घुटने और झुलसने से अजय की मौत
आग में झुलसकर अजय आनंद (35), उनकी पत्नी वंदना, बेटी श्रेया और छोटे भाई अनूप की चार माह की बेटी अयान घायल हो गए। सभी को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। वंदना और बेटी श्रेया की हालत गंभीर बनी हुई है।
कई बाइक, स्कूटी और गृहस्थी का सामान राख
आग इतनी तेज थी कि दो बाइक, दो स्कूटी और घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया। गली संकरी होने के कारण फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंच सकी। बाद में पहुंची टीम ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया।
परिजनों का दर्द: “चारों तरफ बस धुआं ही धुआं था”
मृतक अजय के बड़े भाई विजय आनंद ने बताया कि वे देर रात शादी से लौटने के बाद सोए थे। सुबह शोर होने पर उठकर देखा तो पूरा घर धुएं से भरा था। उन्होंने बताया कि नीचे की तरफ तेज लपटें उठ रही थीं और दिखाई तक नहीं दे रहा था। इसी दमघोंटू माहौल में अजय और उसका परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ।








