कानपुर। अमृतसर में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से शहीद हुए BSF जवान हवलदार विनोद कुमार पाल का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचा, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटा और बेटी शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। यह दृश्य देखकर मौजूद हर आंख नम हो गई।
500 से अधिक युवाओं ने तिरंगा लेकर निकाली अंतिम यात्रा
शहीद जवान की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग शामिल हुए। करीब 500 से अधिक युवा हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे थे। इस दौरान “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के गगनभेदी नारे लगाए गए। पूरे गांव का माहौल देशभक्ति से सराबोर नजर आया।
गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
हवलदार विनोद कुमार पाल (52) कानपुर के अरौल थाना क्षेत्र स्थित बहरामपुर गांव के निवासी थे। अमृतसर से पार्थिव शरीर पहले कानपुर लाया गया, फिर वहां से उनके गांव बहरामपुर पहुंचाया गया। गंगा घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
परिवार की सरकार से तीन प्रमुख मांगें
शहीद जवान के परिवार ने सरकार से दोनों बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देने, गांव में शहीद स्मारक बनाए जाने और शहीद के नाम पर एक सड़क का नामकरण किए जाने की मांग की है।
ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक
परिजनों के मुताबिक, तीन दिन पहले रविवार देर रात करीब 1 बजे ड्यूटी के दौरान विनोद कुमार पाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उसी रात BSF हेड क्वार्टर से फोन कर उनके निधन की सूचना परिवार को दी गई।







