
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की प्रबंध नगर योजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि एलडीए नियमों की अनदेखी कर और गलत तथ्यों के आधार पर पर्यावरण मंजूरी हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
किसानों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि एलडीए ने 2006-07 में ग्राम घैला, अल्लूनगर डिगुरिया और ककौली की जमीनों का अधिग्रहण किया था, जिसके खिलाफ 2008 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय (अब प्रयागराज) में कई रिट याचिकाएं लंबित हैं। न्यायालय ने इन याचिकाओं पर स्थगन आदेश पारित किया है।
किसानों के अनुसार, न तो किसी ने मुआवजा लिया है और न ही एलडीए ने जमीन पर भौतिक कब्जा किया है। वर्तमान में जमीन पर किसानों का कब्जा है और खतौनी भी उनके नाम दर्ज है। इसके बावजूद परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।








