“कागजों में गढ़ा परिवार, संपत्ति पर कब्जे की साजिश उजागर”

अंबेडकरनगर। जमीन-जायदाद के लालच में फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है, जिसमें कागजों पर मृतक का परिवार तैयार कर संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस प्रकरण में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिना संतान के मृतक, कागजों में बना ‘परिवार’

कटका थाना क्षेत्र के रामापुर मसमूले नूरपुर कलां निवासी सत्यनारायण शुक्ल के अनुसार उनके छोटे भाई रामप्रकाश शुक्ल का निधन 13 फरवरी 2024 को हुआ था। उनका विवाह ऊषा से हुआ था, लेकिन वर्ष 2010 में न्यायालय से विवाह विच्छेद हो गया था। इसके बाद उनकी कोई संतान नहीं थी और वे दिल्ली में रह रहे थे।

इसी स्थिति का लाभ उठाते हुए आरोपितों ने मृतक का फर्जी परिवार तैयार करने की योजना बनाई।

काल्पनिक महिला को बनाया ‘मां’, दो को दिखाया ‘संतान’

आरोप है कि राधेश्याम उर्फ राधिका प्रसाद और उनकी पत्नी कृष्णा देवी ने संतोष शुक्ल और प्रीति रानी को मृतक का बेटा-बेटी दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन दस्तावेजों में गंगोत्री देवी नाम की महिला को मां के रूप में दर्शाया गया, जबकि ऐसी किसी महिला के अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है।

गांव से लेकर दिल्ली तक जुड़ा नेटवर्क

इस मामले में नई दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र के संतोष शुक्ल और प्रीति रानी के अलावा स्थानीय स्तर पर सुमित कुमार शुक्ल, राजितराम, रवींद्र प्रताप, ग्राम पंचायत अधिकारी सुरजीत मौर्य और तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी भियांव रहे सुनील कुमार श्रीवास्तव की भूमिका सामने आई है।

आरोप है कि सभी ने मिलकर दस्तावेज तैयार कराए और उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की।

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