
- केजरीवाल ने जज स्वर्णकांता शर्मा को हटाने की फिर उठाई मांग
- जज के बच्चों और सॉलिसिटर जनरल के संबंधों का हवाला
- CBI केस से जुड़े हितों के टकराव का आरोप
नई दिल्ली। नई दिल्ली में शराब घोटाला मामले की सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर जज को हटाने की मांग उठाई है।
बुधवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में दाखिल हलफनामे में केजरीवाल ने कथित हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मुद्दा उठाया।
जज के परिवार को लेकर उठाए सवाल
केजरीवाल ने अपने हलफनामे में कहा कि जस्टिस शर्मा के दोनों बच्चे तुषार मेहता के साथ काम करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि तुषार मेहता, जो इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से पेश हो रहे हैं, उनके बच्चों को केस असाइन करते हैं।
ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जज निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कैसे कर पाएंगी।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में शामिल होने का आरोप लगाया था।
उन्होंने दावा किया था कि जज चार बार ऐसे कार्यक्रमों में भाग ले चुकी हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
कानूनी और राजनीतिक हलचल तेज
केजरीवाल की इस मांग के बाद यह मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
अब अदालत इस हलफनामे पर क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।









