
अंबेडकरनगर के रामनगर पुरानी बाजार में मंगलवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आगमन हुआ। दोपहर करीब 2 बजे काफिला पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने जयघोष किया और पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया।
सुबह से जुटी रही भारी भीड़
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्मप्रेमियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, भीड़ लगातार बढ़ती गई। नगर के कई गणमान्य लोग भी स्वागत के लिए मौजूद रहे।
माल्यार्पण कर किया गया अभिनंदन
शंकराचार्य के स्वागत में हेमंत सिंह यादव, चंद्रसेन यादव, प्रधान संघ अध्यक्ष राज बहादुर यादव, दुष्यंत यादव, निष्कर्ष यादव और बहादुर यादव सहित कई लोगों ने माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत के दौरान पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह से भर गया।
गौ सेवा को बताया राष्ट्र धर्म
अपने संबोधन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ सेवा और गौ रक्षा को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र धर्म का आधार बताया। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय सनातन परंपरा की पहचान हैं और उनकी सेवा ही राष्ट्र सेवा का सबसे बड़ा रूप है।
उन्होंने समाज से गौ संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की और भारतीय परंपराओं को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
युवाओं से संस्कृति से जुड़ने की अपील
शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा करुणा, सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों और धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद
कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।









