
जलालपुर, अंबेडकरनगर में दहेज उत्पीड़न के एक मामले में गैर जमानती वारंट (NBW) जारी होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अदालत की ओर से सख्त टिप्पणी के बाद भी आरोपी खुलेआम घूमता रहा।मामले में अदालत ने पुलिस की “शिथिलता और उदासीनता” को अत्यंत आपत्तिजनक बताया है। इसके बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शादी के बाद दहेज प्रताड़ना का आरोप
मामला थाना जलालपुर क्षेत्र के हाजीपुर गांव से जुड़ा है। पीड़िता मिथिलेश का विवाह 1 फरवरी 2024 को अमरजीत जायसवाल से हुआ था।आरोप है कि शादी के बाद अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। विरोध करने पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया।
घर से निकालने और धमकी देने का आरोप
पीड़िता के अनुसार 27 अप्रैल 2025 को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया और उसके जेवरात भी छीन लिए गए।इसके बाद 29 नवंबर 2025 को जब वह ससुराल पहुंची तो आरोप है कि उसके साथ दोबारा मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई धीमी
पीड़िता ने जनवरी और फरवरी 2026 में थाना जलालपुर में कई बार प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की। लेकिन आरोप है कि पुलिस स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।मामला बाद में न्यायालय पहुंचा, जहां महिला थाना अंबेडकरनगर में मु0अ0सं0 105/2025 के तहत दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।









