अंबेडकरनगर। बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं के विद्युत बिल में बढ़े हुए भार के नाम पर अतिरिक्त शुल्क जोड़ने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के कनेक्शन का भार बढ़ाया गया और इसके बाद सिक्योरिटी राशि के नाम पर अतिरिक्त धनराशि बिलों में जोड़ दी गई।
उपभोक्ताओं के अनुसार, जून और जुलाई माह के बिजली बिलों में बढ़े हुए भार के आधार पर अतिरिक्त शुल्क जोड़ा गया है। आरोप है कि यह राशि सिक्योरिटी के रूप में ली जा रही है, लेकिन इसके बदले उपभोक्ताओं को अलग से कोई रसीद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
बढ़े भार के नाम पर 1200 रुपये से अधिक अतिरिक्त शुल्क लेने का आरोप
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से भार बढ़ाने की प्रक्रिया की जानकारी पहले नहीं दी गई। इसके बाद बिल में अचानक अतिरिक्त राशि जुड़ने से लोगों में असमंजस की स्थिति है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बढ़े हुए भार के नाम पर सिक्योरिटी के रूप में 1200 रुपये से अधिक की अतिरिक्त धनराशि ली जा रही है।
इस मामले को लेकर उपभोक्ताओं ने विभागीय प्रक्रिया और जानकारी देने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।
अधिकारियों से जवाब का इंतजार
मामले को लेकर जनपद के एसी रजनीश श्रीवास्तव से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। उन्होंने इस संबंध में स्पष्ट जानकारी देने के बजाय अन्य विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी।
फिलहाल बिजली विभाग की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और लगाए गए आरोपों पर विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









