अंबेडकरनगर। जानलेवा हमले और पुलिस टीम पर फायरिंग के तीन पुराने मामलों में दोषी सुनील यादव को अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला एडीजीसी क्रिमिनल सुभाष चंद्र वर्मा की पैरवी और दलीलों के आधार पर सुनाया गया।
ज्वैलर्स दुकान पर हमले का था मामला
मामला वर्ष 2015 का है। अयोध्या के महराजगंज निवासी सौरभ ने 11 मार्च 2015 को राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बछुवापार में स्थित अपने पिता की शिवम ज्वैलर्स दुकान पर हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
तहरीर के अनुसार शाम करीब पांच बजे तीन लोग बाइक से दुकान पर पहुंचे थे। आरोप था कि उन्होंने दुकान में घुसकर सौरभ के पिता पर गोली चला दी। गोली लगने से वह घायल हो गए थे। वारदात के बाद हमलावर जहांगीरगंज की ओर भाग गए थे।
पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सुनील यादव, सुमित यादव और विजेंद्र उर्फ बेचू यादव के नाम सामने आए।
पुलिस टीम पर फायरिंग में भी दोषी मिला सुनील
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग का एक अन्य मामला भी सामने आया। 17 जून 2014 को तत्कालीन थानाध्यक्ष योगेश शाह पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान लाडलापुर के पास एसओजी प्रभारी मनबोध तिवारी से सूचना मिली कि कुछ बदमाश दो बाइक से रामनगर की ओर जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने चनगहवा पुलिया के पास घेराबंदी की। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने चार बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि एक मौके से फरार हो गया।









