- जिला श्रम बंधु की बैठक में खुला योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड
- 1.42 लाख श्रमिक पंजीकृत; 328 परिवारों का पंजीकरण बाकी
अम्बेडकरनगर। जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं और बाल श्रम उन्मूलन अभियान को लेकर प्रशासन ने समीक्षा तेज कर दी है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला श्रम बंधु समिति, बाल श्रम उन्मूलन समिति, जिला टास्क फोर्स और बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने की।
बैठक में श्रमिकों से जुड़ी योजनाओं, पंजीकरण, श्रम कानूनों के पालन और बाल श्रम रोकने के लिए चल रहे अभियानों की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और लंबित कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बाल श्रम पर सख्ती, हर क्षेत्र में चलेगा अभियान
बैठक में वर्ष 2027 तक जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाल श्रम रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाए जाएं। बंधुआ श्रम से जुड़े मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
डेढ़ लाख के करीब पहुंचा श्रमिक पंजीकरण
समीक्षा में सामने आया कि जिले में अब तक 1,42,906 श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 2,037 नए श्रमिकों को भी जोड़ा गया है।
श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत मिले 136 आवेदनों में से 125 का निस्तारण किया जा चुका है। 11 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।
निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और सेस वसूली की समीक्षा
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 990 अधिष्ठानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 266 अधिष्ठानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।









