अकबरपुर, अंबेडकरनगर। रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नवागंतुक छात्राओं के लिए बुधवार को ‘दीक्षारम्भ’ छात्र-प्रेरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के नए माहौल में सहज बनाने के साथ महाविद्यालय की संस्कृति, अनुशासन और शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराना रहा।
महाविद्यालय के मुख्य सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. अरविन्द कुमार वर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया। उन्होंने नवागंतुक छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि ‘दीक्षारम्भ’ केवल स्वागत कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उच्च शिक्षा की शुरुआत के साथ छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला कदम है।
उन्होंने छात्राओं से महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। साथ ही पढ़ाई के साथ अपने व्यक्तित्व और कौशल को विकसित करने पर जोर दिया।
लाइब्रेरी से कंप्यूटर लैब तक सुविधाओं की जानकारी
कार्यक्रम में छात्राओं को महाविद्यालय के इतिहास और शैक्षणिक उपलब्धियों से परिचित कराया गया। उन्हें राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ग्रेडिंग, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत उपलब्ध सुविधाओं, समृद्ध पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और खेलकूद गतिविधियों की जानकारी दी गई।
नवागंतुक छात्राओं को महाविद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों और संस्थाओं की जानकारी भी दी गई। राष्ट्रीय सेवा योजना, रोवर्स-रेंजर्स और सांस्कृतिक क्लबों के माध्यम से छात्राओं को पढ़ाई के साथ सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के अवसरों के बारे में बताया गया।









