नई दिल्ली। इलॉन मस्क ने कहा है कि स्टारलिंक के जरिए भारत के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने शुक्रवार (21 अगस्त) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर यह बात कही।
भारत में लाइसेंस के लिए दोबारा आवेदन
मस्क ने ‘DogeDesigner’ के एक पोस्ट को री-शेयर करते हुए कहा कि स्टारलिंक भारत में सबसे कम सुविधा पाने वाले लोगों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की मदद करेगा। इससे एक दिन पहले स्टारलिंक ने भारत में लाइसेंस के लिए दोबारा आवेदन किया था।
11 हजार से ज्यादा गांवों में 4G नहीं
DogeDesigner के पोस्ट के मुताबिक, मई 2026 तक भारत के 11 हजार से ज्यादा सूचीबद्ध गांवों में 4G नेटवर्क की पहुंच नहीं थी। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक भारत में कुल 109.3 करोड़ इंटरनेट सब्सक्रिप्शन थे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 44.08 करोड़ सब्सक्राइबर शामिल थे।
ग्रामीण और शहरी इंटरनेट कनेक्शन में बड़ा अंतर
भारत में इंटरनेट की पहुंच को लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बड़ा अंतर है। ग्रामीण इलाकों में प्रति 100 लोगों पर 48.31 इंटरनेट कनेक्शन हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा प्रति 100 लोगों पर 126.80 कनेक्शन है।









