- कलेक्टर-एसपी ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर की बैठक
- वैकल्पिक स्थान पर जुमे की नमाज को लेकर मंथन
- मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से भी हुई चर्चा
- कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी
धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के अंतरिम विस्तृत आदेश जिला प्रशासन को मिल गए हैं। आदेश मिलने के बाद कलेक्ट्रेट में कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की मौजूदगी में प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही भोजशाला के निकट किसी वैकल्पिक खुले स्थान पर जुमे की नमाज की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।
इसके बाद प्रशासन ने मुस्लिम समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ अलग बैठक कर संभावित स्थानों पर विचार-विमर्श किया। प्रशासन ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तय की जाएंगी।
टीम करेगी स्थान का परीक्षण
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बताया कि आदेश मिलने के बाद एक टीम गठित की गई है। यह टीम संभावित वैकल्पिक स्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। उसी के आधार पर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि मुस्लिम समाज के लिए भोजशाला के पास किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर जुमे की नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुस्लिम पक्ष की आपत्ति
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले जिस स्थान पर डमी नमाज कराई गई थी, वह कब्रिस्तान की भूमि है और वहां जुमे की नमाज अदा करना उचित नहीं माना जाता। उनका कहना है कि इस संबंध में उनका पक्ष सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी रखा जा चुका है।









