- ड्रग तस्करी और बड़े भ्रष्टाचार पर सिंगापुर जैसे कानून की सलाह
- IAS-IPS और मंत्रियों की सैलरी बढ़ाने का सुझाव
- पुराने भ्रष्टाचार के मामलों को माफ करने की भी कही बात
जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को ड्रग डीलिंग और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के खिलाफ सिंगापुर जैसे सख्त कानून बनाने की सलाह दी है। उन्होंने भविष्य में होने वाले गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान करने का सुझाव दिया।
वेम्बु ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री के सामने ये सुझाव रखे।
अफसरों और नेताओं की सैलरी बढ़ाने की वकालत
श्रीधर वेम्बु ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए मंत्रियों के साथ IAS और IPS अधिकारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि ईमानदार प्रशासन के लिए अधिकारियों को बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने पुराने भ्रष्टाचार के मामलों को माफ करने की बात भी कही, ताकि सरकार भविष्य में भ्रष्टाचार रोकने पर ज्यादा ध्यान दे सके।
तेज हो न्यायिक प्रक्रिया
वेम्बु ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून सख्त होने के साथ न्याय प्रक्रिया भी तेज होनी चाहिए। उन्होंने सिंगापुर की अदालतों का उदाहरण देते हुए कहा कि मामलों का फैसला वर्षों या दशकों तक लंबित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री विजय को सिंगापुर के पूर्व प्रधानमंत्री ली कुआन यू की नीतियों और शासन व्यवस्था का अध्ययन करने की भी सलाह दी।
सेंथिल कुमार ने वेतन बढ़ाने के सुझाव पर उठाए सवाल
वेम्बु के सुझावों पर फाइनेंशियल एडवाइजर सेंथिल कुमार ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केवल IAS और IPS अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा।
सेंथिल कुमार के मुताबिक, भ्रष्टाचार की असली समस्या जवाबदेही, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी तरीके से लागू होने की कमी है। उन्होंने ऐसे मामलों का हवाला दिया जिनमें अमीर नेताओं के साथ-साथ निचले स्तर के सरकारी कर्मचारियों पर भी करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के आरोप सामने आते रहे हैं।
सीएम विजय बोले- पिछली सरकार के भ्रष्टाचार की फाइलें हैं
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय सत्ता में आने के बाद से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने की बात कहते रहे हैं। इसी सप्ताह विधानसभा में उन्होंने दावा किया कि पिछली DMK सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार से जुड़े सबूतों वाली फाइलें उनके पास हैं।
विजय ने कहा कि इन फाइलों को सही समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा।
विधानसभा में हंगामा, विजय ने कहा- फाइलें खोलने को मजबूर न करें
विधानसभा में DMK विधायकों ने मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के आरोपों के सबूत मांगते हुए नारेबाजी की। इसके जवाब में विजय ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले बोलना नहीं चाहते थे, लेकिन लगातार सबूत मांगे जाने के कारण उन्हें जवाब देना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ विभागों की समीक्षा से जुड़ी फाइलें उनके पास हैं और वह फिलहाल संयम बरत रहे हैं। विजय ने चेतावनी दी कि उन्हें फाइलें सार्वजनिक करने के लिए मजबूर न किया जाए।









