नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर तबाही, 210 की मौत; 1500 लोग लापता

नेपाल में 207 और तिब्बत में 3 मौतें, लापता लोगों में 300 से ज्यादा भारतीय

काठमांडू। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। हादसे में अब तक 210 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाल में 207 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। वहीं करीब 1,500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल में 900 से ज्यादा लोग लापता

नेपाल में 900 से ज्यादा लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें 28 देशों के करीब 500 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, लापता लोगों में 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक हैं।

खराब मौसम और कई रास्तों के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है।

116 लोगों को सुरक्षित निकाला

नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे इलाके से गुरुवार सुबह 116 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। सेना और राहत दल अब भी प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

तिब्बत में 550 से ज्यादा लोग लापता

वहीं तिब्बत में 550 से ज्यादा लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। चीन की सरकारी वेबसाइट CCTV ने इसकी जानकारी दी है। प्रभावित इलाकों में खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं।

भूकंप नहीं, लैंडस्लाइड से पैदा हुए थे झटके

बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए थे। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।

बाद में सामने आया कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिर गया था। इसी लैंडस्लाइड के कारण तेज झटके महसूस हुए और नदी में अचानक पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी।

ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी नदी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। बाद में USGS ने भी स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसे महसूस हुए झटके लैंडस्लाइड की वजह से पैदा हुए थे।

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