अंबेडकरनगर। वाहन चालक कल्याण समिति भारत ने सोमवार को चालकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के पास अम्बेडकर प्रतिमा के सामने धरना दिया। समिति के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें चालकों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी 22 सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री तक भेजने की मांग की गई।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद यादव ने कहा कि चालकों के लिए राष्ट्रीय चालक आयोग का गठन और चालक सुरक्षा कानून बनाया जाए। इसके साथ ही राज्य स्तर पर चालक कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग की गई।
हादसे में मौत पर 25 लाख की सहायता की मांग
ज्ञापन में दुर्घटना में चालक की मौत होने पर उसके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और बीमा देने की मांग की गई है। दुर्घटना में मृत चालक का शव सरकारी मदद से घर पहुंचाने और अंतिम संस्कार राष्ट्रीय सम्मान के साथ कराने की भी मांग रखी गई।
दुर्घटना में स्थायी विकलांगता होने पर 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पांच हजार रुपये मासिक पेंशन और इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने की मांग की गई। चालक की मृत्यु होने पर पत्नी को 10 हजार रुपये मासिक विधवा पेंशन तथा बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा निशुल्क कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
भारी वाहनों में दो चालक रखने की मांग
समिति ने भारी मालवाहक वाहनों में दो चालकों की नियुक्ति अनिवार्य करने की मांग की। व्यावसायिक चालकों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उसे ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ने और राष्ट्रीय हेल्पलाइन शुरू करने की मांग भी की गई। पुलिस विभाग में चालकों की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाने की बात कही गई।









