पटना। पटना में दलित संगठनों ने आज “आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ” के नारे के साथ मार्च निकाला। गांधी मैदान से शुरू हुआ यह मार्च लोकभवन की ओर जाने वाला था। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के पोस्टर लेकर आरक्षण के समर्थन में आवाज उठाई।
पोस्टरों पर “सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण लागू करो” जैसे संदेश लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने दलित समाज के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की।
बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी
मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई। डाकबंगला चौराहे पर 23 थानेदार, 9 ASP-DSP समेत करीब 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
65% आरक्षण की मांग
समिति के संयोजक अमर आजाद ने कहा कि देश में आज भी दलित और आदिवासी समाज के लोगों के साथ जाति के आधार पर भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी दलित IAS-IPS अधिकारियों को उनकी जाति के नाम पर प्रताड़ित किए जाने के मामले सामने आते हैं।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद SC-ST समाज को मिलने वाले आरक्षण का विरोध किया जा रहा है, जो गलत है। उनके मुताबिक निजी क्षेत्र और न्यायपालिका में अभी आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी आरक्षण लागू करने की मांग की।
बिहार में आरक्षण बढ़ाने की मांग
अमर आजाद ने बिहार में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए।









