- 2008 में तमिलनाडु पहुंचीं सुजैन टरकोटे
- शिक्षा के लिए शुरू किया NGO; 300 से ज्यादा बच्चों तक पहुंची मदद
नई दिल्ली। कटरीना कैफ बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। फिल्मों के साथ-साथ वह अपने बिजनेस वेंचर को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। हालांकि, उनकी मां सुजैन टरकोटे ने बेटी की ग्लैमरस और चर्चित जिंदगी से अलग बेहद सादगी भरा रास्ता चुना है। वह तमिलनाडु के मदुरै के एक ग्रामीण इलाके में रहकर बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए काम कर रही हैं।
2008 में तमिलनाडु में बस गई थीं सुजैन
कटरीना कैफ की मां सुजैन टरकोटे साल 2008 में तमिलनाडु चली गई थीं। यहां उन्होंने ‘रिलीफ इंडिया प्रोजेक्ट’ नाम से एक NGO की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उनका मकसद सरकारी स्कूलों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों को शाम के समय मुफ्त ट्यूशन उपलब्ध कराना था।
समय के साथ उनका काम सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और चाइल्ड प्रोटेक्शन से जुड़े मुद्दों पर भी काम करना शुरू किया। ग्रामीण इलाकों में बच्चों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना उनके काम का अहम हिस्सा रहा है।
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छोटे स्तर से शुरू किया स्कूल, 300 से ज्यादा बच्चों तक पहुंची शिक्षा
सुजैन ने साल 2015 में ‘माउंटेन व्यू स्कूल’ की शुरुआत की थी। स्कूल की शुरुआत एक नर्सरी के तौर पर हुई थी और उस समय इसमें 30 से भी कम बच्चे पढ़ते थे। धीरे-धीरे यह पहल आगे बढ़ी और ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने का दायरा बढ़ता गया।
बताया जाता है कि वर्षों के दौरान उनकी पहल के जरिए 300 से ज्यादा बच्चों के लिए नर्सरी और प्राथमिक स्तर की शिक्षा की व्यवस्था की गई।









