नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को लेकर कहा कि अगर पड़ोसी देश आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के तौर पर जारी रखता है तो भारत आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने ये बातें नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में कहीं।
राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा करने की इच्छा नहीं रखता और न ही किसी को धमकी देना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत के अभियान और दूसरे देशों के साथ सहयोग का आधार राष्ट्रीय हित रहेगा।
रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत सहयोग और अभियान दोनों चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर नहीं। उन्होंने भारत को केवल दो ध्रुवों में बांटकर देखने के नजरिए से भी अलग बताया।
‘सभ्यतागत शक्ति’ के रूप में भारत का उल्लेख
राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ की अवधारणा का जिक्र किया। इसके अनुसार तेजी से उभरती शक्ति और पहले से प्रभावशाली शक्ति के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत को इस तरह के द्विआधारी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार भारत न तो केवल यथास्थिति बनाए रखने वाली शक्ति है और न ही मौजूदा व्यवस्था को बदलने वाली शक्ति, बल्कि एक सभ्यतागत शक्ति है।
मोदी ने SCO में आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने की बात कही थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने आतंकवादी फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों के पूरे तंत्र को खत्म करने की जरूरत बताई थी।
मोदी ने कहा था कि आतंकवाद से निपटने की कार्रवाई केवल किसी एक घटना के जवाब तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और आतंकवाद को नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों के खिलाफ स्पष्ट संदेश जरूरी है।
UN में शहबाज ने सिंधु जल पर दी चेतावनी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत के साथ सिंधु जल विवाद और कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के सिंधु जल को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा।
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर पर भी पाकिस्तान का रुख दोहराया। भारतीय पक्ष पहले से कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को खारिज करता रहा है। UNGA में शहबाज के भाषण के दौरान भारतीय राजनयिक की प्रतिक्रिया भी कैमरे में दर्ज हुई।
भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण मुद्दे
राजनाथ सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और सिंधु जल समेत कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ता है, जबकि पाकिस्तान भारत की जल नीति और कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आपत्तियां उठाता रहा है। इन दोनों पक्षों के बयानों के बीच आगे की कूटनीतिक और सुरक्षा गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।
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