अम्बेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बरियावन में मकान और दुकानों के ध्वस्त किए जाने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। मामले में भगेलू, संग्राम, कमलेश कुमार, सोनू सोनी, विनोद कुमार, रविन्द्र वर्मा, राजेश कुमार और विपिन कुमार समेत 18 ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही मकान और दुकानों के पुनर्निर्माण की अनुमति देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मकान और दुकान ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। इनके ढह जाने से रोजगार के साथ परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च चलाने को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है।
रात 11 बजे जेसीबी लेकर पहुंचने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीते रविवार की रात करीब 11 बजे 50 से 60 अज्ञात लोग जेसीबी लेकर पहुंचे थे। इसके बाद उनके मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि कार्रवाई रात में होने के कारण उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ऋण लेने से इनकार, पुनर्निर्माण की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को उपायुक्त उद्योग और सहायक श्रमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में विभागीय योजनाओं की जानकारी दी थी। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना ब्याज के ऋण लेने से इनकार करते हुए मकान और दुकानों के पुनः निर्माण की मांग रखी है। उनका कहना है कि उनकी प्राथमिक जरूरत रोजगार के लिए पुराने मकान और दुकानों को फिर से खड़ा करना है।
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