ओवैसी का आरोप- SIR बैकडोर NRC

बोले- नागरिकता जांच में बदली जा सकती है प्रक्रिया

छत्रपति संभाजीनगर। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी ने आरोप लगाया कि SIR को आगे चलकर NRC यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स की प्रक्रिया से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने इसे NRC लागू करने का ‘बैकडोर’ बताया।

ओवैसी बोले- शुरुआत से SIR का विरोध कर रही AIMIM

ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी SIR लागू किए जाने के समय से ही इसका विरोध कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के चलते कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। ओवैसी ने कहा कि हर नागरिक के लिए अपने मतदान के अधिकार को लेकर SIR की प्रक्रिया को गंभीरता से समझना जरूरी है।

हालांकि, SIR को NRC में बदलने की बात फिलहाल ओवैसी का आरोप है। केंद्र सरकार की ओर से देशभर में NRC लागू करने को लेकर कोई नई अधिसूचना जारी किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

पहले भी वोटिंग अधिकार और नागरिकता को लेकर दिया था बयान

ओवैसी ने 27 सितंबर को भी SIR को लेकर लोगों से इसे हल्के में नहीं लेने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि प्रक्रिया में लापरवाही का असर लोगों के वोटिंग अधिकार पर पड़ सकता है और उन्होंने नागरिकता को लेकर भी चिंता जताई थी।

मुंबई में CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

SIR को लेकर मुंबई में Cockroach Janta Party (CJP) ने 2 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पहले ही घोषणा की थी कि 2 अक्टूबर से मुंबई से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

CJP ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कई सवाल उठाए हैं। संगठन ने 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और चुनाव आयोग में नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने जैसी मांगें भी रखी हैं। ये संगठन की मांगें हैं, जिन पर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर बहस जारी है।

जनगणना और NPR के साथ NRC की चर्चा

NRC को लेकर चर्चा के बीच जनगणना और NPR यानी नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर का मुद्दा भी सामने आता रहा है। NPR में नागरिकता और परिवार से जुड़ी कुछ जानकारियां दर्ज किए जाने का प्रावधान रहा है। कानूनी प्रावधानों के तहत NPR में दर्ज लोगों के सत्यापन के आधार पर भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने की व्यवस्था मौजूद है।

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हालांकि, NRC को देशभर में लागू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसी तरह 2021 की जनगणना के साथ NPR का काम भी कोविड-19 महामारी के कारण टल गया था।

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