- फोरेंसिक जांच में फोन में अश्लील वीडियो और पेन ड्राइव में वेब सीरीज मिलने का दावा
- जेल में मोबाइल फोन और सिम पहुंचाने के तीन मामलों में 9 लोग गिरफ्तार
- जेल वार्डर और चीफ वार्डर की कथित भूमिका भी जांच के घेरे में
बेंगलुरु। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है। शनिवार को फोन और अन्य जब्त उपकरणों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। पेन ड्राइव में वेब सीरीज मिलने की बात भी सामने आई है।
अगस्त 2024 में हुई थी जेल में छापेमारी
क्राइम ब्रांच ने 11 अगस्त 2024 को परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में छापेमारी की थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना को उनकी जेल की कोठरी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल फोन, चार्जर, पेन ड्राइव और एक नोटबुक जब्त की थी। इसके बाद इन उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।
रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रेवन्ना
प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) के विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। वह महिलाओं से रेप के मामले में अगस्त 2025 से बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
जेल में मोबाइल पहुंचाने के मामले में 9 गिरफ्तार
बेंगलुरु सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन और सिम कार्ड पहुंचाने के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने शुक्रवार को 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि कुछ मोबाइल फोन जेल वार्डर के जरिए, जबकि सिम कार्ड एक अंडरट्रायल कैदी के माध्यम से जेल के अंदर पहुंचाए गए थे।
12 मोबाइल फोन पहुंचाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, दूसरे मामले में जेल वार्डर श्रीनिवास नाइक पर करीब 12 मोबाइल फोन अवैध रूप से जेल के अंदर पहुंचाने का आरोप है। पुलिस इस मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
चीफ वार्डर की भूमिका भी जांच के घेरे में
तीसरे मामले में एक मोबाइल फोन जेल के अंदर पहुंचाने में चीफ वार्डर विजय कुमार की कथित भूमिका सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित मोबाइल फोन और सिम कार्ड पहुंचाने का पूरा नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था।









