शिक्षा, रोजगार और सत्ता में भागीदारी का उठाया मुद्दा
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि कांशीराम ने वंचित, शोषित और पिछड़े समाज को अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने समाज के लोगों को सत्ता में भागीदारी का रास्ता दिखाया। उनके विचार आज भी सामाजिक समानता और राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई में प्रासंगिक हैं।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति और शैक्षणिक पदों पर भर्ती में पीडीए के लोगों को उचित भागीदारी नहीं मिल रही है। उन्होंने शिक्षा और रोजगार में सभी वर्गों को समान अवसर देने की जरूरत बताई। इस दौरान उन्होंने नारा दिया, ‘संविधान बचाना है तो पीडीए की सरकार बनाना है।’
संविधान के मूल्यों पर दिया जोर
अंबेडकरवादी विचारधारा के प्रोफेसर लक्ष्मण यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और संविधान में निहित समानता के सिद्धांतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। सामाजिक भेदभाव खत्म करने और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए संविधान के मूल्यों को मजबूत करना जरूरी है।
कांशीराम के संघर्ष को किया याद
कार्यक्रम को पूर्व मंत्री एवं टांडा विधायक राममूर्ति वर्मा, एमएलसी विशाल वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव और अयोध्या के जिलाध्यक्ष जयसिंहपुर यादव समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया।









