अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पात्रता को लेकर भीटी विकासखंड के चंदापुर गांव में विवाद खड़ा हो गया है। गांव निवासी सीमा पत्नी श्रीनाथ मिश्रा का नाम आवास योजना के लाभार्थियों में आया था। आरोप है कि गांव के ही रक्षाराम तिवारी की शिकायत के बाद उनका आवास यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि उनके पास पहले से पक्का मकान है।
सीमा अपने चार बच्चों के साथ छप्पर में रहने की बात सामने आई है। उनके पति वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आवास निरस्त किए जाने की शिकायत के बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
शिकायतकर्ता पक्ष की पात्रता पर भी सवाल
ग्रामीणों के अनुसार रक्षाराम तिवारी की पत्नी सुमन का नाम भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में दर्ज है। बताया जा रहा है कि सूची में सुमन पत्नी रक्षाराम का नाम क्रमांक 62 पर है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि उनके परिवार के पास करीब 4000 वर्गफीट में मकान का निर्माण चल रहा है। मकान की दीवारें खड़ी हो चुकी हैं और छत का काम बाकी है।
ऐसे में ग्रामीणों ने दोनों परिवारों की पात्रता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सीमा के आवास को लेकर की गई शिकायत और शिकायतकर्ता परिवार की योजना में पात्रता, दोनों की जांच एक साथ होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी भीटी से स्थलीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि योजना के निर्धारित मानकों के आधार पर दोनों पक्षों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। इससे पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ मिलने और अपात्र नाम की पहचान होने की स्थिति साफ हो सकेगी।
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