लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 12 साल पुराने पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बुधवार को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें गोमती नगर स्थित आवास से पकड़ा गया। भर्ती प्रक्रिया के दौरान योगेश कुमार पशुधन विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर तैनात थे। EOW के मुताबिक, जांच में भर्ती प्रक्रिया में उनकी भूमिका से जुड़े साक्ष्य सामने आए हैं।
2014 में 1,198 पदों पर हुई थी भर्ती
यह मामला वर्ष 2014 में समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती से जुड़ा है। उस समय प्रदेश के 17 मंडलों में कुल 1,198 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई।
OMR शीट के मूल्यांकन पर उठे सवाल
जांच के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में मंडलीय चयन समितियों के अधिकारों को दरकिनार कर OMR शीट का मूल्यांकन केंद्रीकृत तरीके से कराया गया। आरोप है कि इस व्यवस्था से चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और अंकों में हेरफेर की आशंका पैदा हुई। EOW के मुताबिक, जांच में योगेश कुमार की भूमिका से संबंधित साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
तत्कालीन मंत्री के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की फाइल लंबित
भर्ती के समय राजकिशोर सिंह प्रदेश के पशुधन मंत्री थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति से जुड़ी फाइल शासन स्तर पर लंबित है। इस मामले में EOW की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों से संबंधित तथ्य अदालत में स्पष्ट होंगे।









