लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान 40 युवतियों सहित कुल 119 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मौके से 100 लैपटॉप, 178 कॉलिंग फोन, कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर शहर की एक व्यावसायिक इमारत की 11वीं मंजिल पर Solaris Solution नाम से संचालित किया जा रहा था। यहां का सेटअप पूरी तरह कॉर्पोरेट ऑफिस जैसा था और कर्मचारियों की भर्ती पांच चरणों की इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद की जाती थी। जांच में पता चला है कि कार्यालय का संचालन मुख्य रूप से शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक होता था, ताकि विदेशी समय के अनुसार लोगों से संपर्क किया जा सके।
छापेमारी के दौरान हिरासत में लिए गए कर्मचारियों के परिजनों ने बताया कि अधिकांश युवाओं को 25 से 28 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति से सफलतापूर्वक ठगी की जाती थी तो संबंधित कर्मचारी को ठगी गई रकम का लगभग 10 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) भी दी जाती थी।









