- सुनुरोक पहाड़ी हमले में तीन लोगों की मौत और तीन घायल हुए थे
- पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
- दो आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में हमले में शामिल होने की बात स्वीकार की
इंफाल। मणिपुर की सुनुरोक पहाड़ी पर 19 अक्टूबर को हुए हमले के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद 12 हथियार, 1,095 कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद करने का दावा किया है। राज्य के एडीजीपी ल्हारी दोरजी खाटू ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
दो आरोपियों ने हमले में शामिल होने की बात कबूली
एडीजीपी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो ने शुरुआती पूछताछ में हमले में शामिल होने की बात स्वीकार की है। तीसरे आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और आरोपियों के संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।
INSAS, M16 और AK-47 समेत 12 हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अलग-अलग तरह के 12 हथियार जब्त किए हैं। इनमें INSAS, M16, AK-47/टाइप-81 और 7.62 मिमी स्नाइपर राइफल शामिल हैं। इसके अलावा तीन 12-बोर बंदूकें, एक लेथोड गन और एक देसी रॉकेट लॉन्चर भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने अलग-अलग बोर के कुल 1,095 कारतूस भी जब्त किए हैं। बरामद हथियारों और गोला-बारूद की जांच की जा रही है।
TNT और देसी बम समेत विस्फोटक सामग्री जब्त
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से TNT की सिल्लियां, पीके विस्फोटक, बारूद, लेथोड शेल, देसी बम, राइफल ग्रेनेड, हैंड ग्रेनेड, देसी मोर्टार और तीन डेटोनेटर भी मिले हैं।
इसके अतिरिक्त रेडियो सेट, बैटरियां, हेलमेट, वर्दियां, एक मोनोक्युलर और अफीम के पौधों के बीज भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन सामानों के इस्तेमाल और आरोपियों के अन्य लोगों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
हमले के विरोध में 48 घंटे का बंद
सुनुरोक पहाड़ी पर हुए हमले के विरोध में नेटिव पीपल्स कमेटी मणिपुर (NPCM) ने सोमवार आधी रात से 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है। समिति ने हमले के लिए जिम्मेदार सशस्त्र समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बंद के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
घटना से नाराज लोगों ने इंफाल में मुख्यमंत्री के आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
पुलिस अब हमले की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित संलिप्त लोगों का पता लगाने में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।









