कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बागी मुस्लिम सांसद अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान ने साफ किया है कि वे BJP में शामिल नहीं होंगे और न ही NDA का हिस्सा हैं। तीनों सांसदों का कहना है कि वे BJP की राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन अपने क्षेत्रों के लोगों के हित में केंद्र और राज्य सरकार के साथ काम करेंगे।
ये तीनों उन 20 बागी TMC सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव के कुछ सप्ताह बाद ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय किया था। इसके बाद इन सांसदों ने NDA को समर्थन देने की घोषणा की थी।
हालांकि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक उन्हें औपचारिक रूप से NCPI सांसद के तौर पर मान्यता नहीं दी है। अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान के मुताबिक, स्पीकर अभी भी संसद में उन्हें TMC सांसद के रूप में संबोधित करते हैं और उनके नाम के साथ TMC लिखा जाता है।
PM की बैठक के बाद बढ़ी BJP से नजदीकी की अटकलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई को अपने आवास पर NDA सांसदों के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग आयोजित की थी। इसमें NCPI में शामिल हुए TMC के बागी सांसद और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने वाले शिवसेना (UBT) के सांसद भी मौजूद थे।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ TMC के बागी सांसद खलीलुर रहमान, यूसुफ पठान और अबू ताहिर खान भी शामिल हुए। इसके बाद तीनों सांसदों के BJP और NDA के करीब जाने की अटकलें तेज हो गई थीं।
BJP में शामिल होने के सवाल पर दिया जवाब
8 जुलाई को अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान ने बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। बैठक के बाद खलीलुर रहमान से BJP में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया।
उन्होंने साफ कहा कि वे BJP में शामिल नहीं हो रहे हैं और NCPI के साथ रहेंगे। भविष्य में पार्टी के साथ बने रहने या कोई दूसरा राजनीतिक रास्ता चुनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय ही बताएगा।
अबू ताहिर खान ने भी कहा कि वे BJP के साथ नहीं जाएंगे और NDA का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय, खासकर पिछड़े और जरूरतमंद लोगों से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई।









