देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू में निवेश के लिए आज 23 अक्टूबर आखिरी दिन है। सुबह 10 बजे तक आईपीओ 6 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 119 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं। संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिली।
संस्थागत निवेशकों का कोटा 13 गुना भरा
आईपीओ में संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 13 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो चुका था, जबकि रिटेल निवेशकों का पोर्शन 1.76 गुना भरा। इससे इश्यू में संस्थागत खरीदारों की मजबूत भागीदारी का संकेत मिला।
एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8,110 करोड़
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना लेकर आई है। इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों को शेयर जारी कर ₹8,110 करोड़ जुटा लिए थे। इसके बाद आम निवेशकों और संस्थागत खरीदारों के लिए करीब ₹22,103 करोड़ का नेट इश्यू उपलब्ध था।
पहले दिन ही तीन गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन
आईपीओ को पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को ही 3.02 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। उस दिन 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आई थीं। दूसरे दिन भी संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग के चलते सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 3.50 गुना से आगे निकल गया।
निवेश के लिए कितनी रकम जरूरी?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया है। खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम ₹13,428 लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके लिए करीब ₹1.87 लाख की रकम चाहिए।
आईपीओ में आवेदन करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपनी निवेश क्षमता का आकलन करना चाहिए। अधिक सब्सक्रिप्शन अपने आप लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं देता।









