अंबेडकरनगर। बसखारी में भरत मिलाप मेले का समापन मंगलवार भोर में भगवान राम और भरत के मिलन के साथ हुआ। पूरी रात कस्बे के बाजार में मेलार्थियों की भीड़ जुटी रही। जैसे-जैसे राम-भरत मिलाप का समय नजदीक आया, बाजार में चहल-पहल बढ़ती गई। आयोजकों के अनुसार, मेले में एक लाख से अधिक लोग पहुंचे।
मेले में 14 झांकियों से सजे जुलूस और दुर्गा पूजा के लिए तैयार पंडाल ने लोगों का ध्यान खींचा। श्रद्धालु पंडाल में दर्शन करने पहुंचे, वहीं बड़ी संख्या में लोग जुलूस देखने के लिए बाजार में जुटे रहे। हाथी-घोड़ों और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला जुलूस पूरी रात कस्बे में भ्रमण करता रहा।
रामायण के प्रसंगों से लेकर सामाजिक संदेश तक की झलक
भरत मिलाप जुलूस में सीताहरण, उड़ते हनुमान, केवट की नाव पर राम, शिव की जटाओं से निकलती गंगा, कैलाश पर्वत उठाते रावण और बाणशय्या पर भीष्म पितामह जैसे प्रसंगों को झांकियों में दर्शाया गया। मछली पर राधा-कृष्ण, धुन में लीन कृष्ण, डमरू बजाते शिव, बालाजी महाराज और माता-पिता के साथ श्रवण कुमार की झांकी भी शामिल रही।
जुलूस में धरतीपुत्र, जय जवान-जय किसान और एक बिस्वा जमीन के लिए दो भाइयों के विवाद पर आधारित झांकी के जरिए सामाजिक विषय भी प्रस्तुत किए गए। अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित झांकियों को देखने के लिए लोग बाजार में जुटे रहे।
हनुमान ने भरत को दी राम के आने की सूचना
मंगलवार सुबह करीब चार बजे जुलूस भरत मिलाप गेट पर पहुंचा। यहां भरत की भूमिका निभा रहे पात्र भगवान राम के आगमन की प्रतीक्षा में खड़े थे। परंपरा के अनुसार, हनुमान ब्राह्मण वेश में भरत के पास पहुंचे और उन्हें राम के आने की सूचना दी। इसके बाद राम-भरत मिलाप का दृश्य प्रस्तुत किया गया।









