
- रमजान के बाद भी महंगाई की मार, जनता को नहीं मिल रही राहत
खाद्य पदार्थों के दामों में जबरदस्त उछाल, आम आदमी की मुश्किलें बढ़ीं
सरकारी नियंत्रण विफल, दुकानदार वसूल रहे मनमाने दाम
ईंधन और गैस की कीमतों में वृद्धि से घरेलू बजट पर असर
पाकिस्तान में महंगाई चरम पर, जनता ने सरकार से राहत की मांग की
इस्लामाबाद, 02 अप्रैल 2025: पाकिस्तान में महंगाई की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रमजान के बाद भी खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कोई राहत नहीं मिली है।
खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दाम
पाकिस्तान में सब्जियों, फलों और चिकन के दामों में जबरदस्त उछाल आया है। सरकारी नियंत्रण के अभाव में दुकानदार मनमानी कीमतें वसूल रहे हैं।
- टमाटर: 60 रुपये से बढ़कर 180 रुपये प्रति किलो हो गया है।
- चीनी: 170 रुपये से बढ़कर 180 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है।
- चिकन (बिना हड्डी का मांस): 1200 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
- प्याज: 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो हो गया है।
- अचार की मिर्च: 110 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो हो गई है।
- नींबू: कीमतों में भारी इजाफा देखा गया है।
- सेब: 400 रुपये प्रति किलो और केला 200 रुपये प्रति दर्जन बिक रहा है।
ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतें
एलपीजी की कीमत में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
- एलपीजी: 248.37 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।
- घरेलू गैस सिलेंडर: 11.8 किलो का सिलेंडर 2,930.71 रुपये में बिक रहा है।
सरकारी नियंत्रण की कमी
पाकिस्तानी सरकार ने चिकन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक सीमा निर्धारित की थी, लेकिन बाजार में इस पर कोई असर नहीं दिख रहा है। दुकानदार सरकारी दरों की अनदेखी कर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। रमजान के दौरान चिकन की मांग 40% तक बढ़ गई थी, जिससे कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया है।
जनता की मुश्किलें और सरकार की चुनौती
बढ़ती महंगाई के कारण आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। सरकार को जल्द ही ठोस कदम उठाने होंगे, वरना आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।








