
टेस्ला पर विदेशी हिस्सों के इस्तेमाल का आरोप, मस्क ने कहा– अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग पर भरोसा
ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद से मस्क को झेलने पड़े हैं कई कारोबारी झटके
टैरिफ नीति से ग्लोबल इकॉनमी को खतरा, शेयर बाजारों में आई गिरावट
टेस्ला को लेकर फैलाई जा रही गलत जानकारी, मस्क का पलटवार तेज
वॉशिंगटन DC। टेस्ला के सीईओ इलॉन मस्क ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीनियर ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो पर तीखा हमला बोला है। मस्क ने नवारो को “ईंटों की बोरी से भी मूर्ख” कहा। दरअसल, नवारो ने एक इंटरव्यू में टेस्ला को “कार असेंबलर” बताया था, जिस पर मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
‘अमेरिका में बनी हैं सबसे ज़्यादा टेस्ला कारें’
मस्क ने दावा किया कि टेस्ला के वाहन अमेरिका में ही सबसे अधिक मैन्युफैक्चर होते हैं। उन्होंने केली ब्लू बुक के एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी के ज्यादातर पार्ट्स यहीं बनाए जाते हैं।
टैरिफ नीति पर भी जताया विरोध
नवारो के साथ विवाद से पहले मस्क ट्रम्प की टैरिफ नीति के खिलाफ भी मुखर रहे हैं। उन्होंने अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें फ्री मार्केट की वकालत की गई थी। मस्क अमेरिका और यूरोप के बीच ज़ीरो टैरिफ ज़ोन की मांग कर चुके हैं, जिसे ट्रम्प ने नकार दिया।
ट्रंप की नीति से मस्क को भारी नुकसान
जनवरी से मार्च 2025 के बीच मस्क की नेटवर्थ में 132 अरब डॉलर (करीब 11 लाख करोड़ रुपए) की गिरावट आई है। टेस्ला के शेयरों में मार्च में 15% की गिरावट दर्ज की गई, जो सितंबर 2020 के बाद सबसे खराब रही।
आज से लागू हुआ ‘जैसे को तैसा’ टैरिफ
2 अप्रैल को ट्रम्प ने ‘रेसिप्रोकल टैक्स’ का ऐलान किया था, जो आज से लागू हो गया है। भारत पर 26%, चीन पर 104%, यूरोपीय यूनियन पर 20% समेत 60 से ज्यादा देशों पर भारी टैरिफ लगाए गए हैं। ट्रम्प ने कहा था कि “मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भारत हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहा।”








