
- छात्रों की घटती उपस्थिति पर शिक्षकों की चिंता
- अप्रैल से शुरू हुए शिक्षा सत्र में छात्रों की लापरवाही
- फसलों की कटाई और विवाह समारोहों से प्रभावित छात्र उपस्थिति
अम्बेडकरनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अभी भी 50 प्रतिशत से कम बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि इससे पाठ्यक्रम पूरा करने में चुनौती आ सकती है।
गर्मी की छुट्टियों से पहले की पढ़ाई जरूरी
माध्यमिक शिक्षा परिषद के शैक्षिक पंचांग के अनुसार कक्षाएं नियमित चल रही हैं, लेकिन ज्यादातर छात्र अभी तक स्कूल नहीं लौटे हैं। शिक्षक विपिन कुमार ने बताया, “अप्रैल से मई तक का समय कोर्स की बुनियाद रखने के लिए अहम होता है। अगर गर्मी की छुट्टियों से पहले पढ़ाई नहीं हुई, तो सालभर पाठ्यक्रम पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।”
फसल कटाई और शादियों ने बढ़ाई मुश्किल
मई का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी उपस्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। शिक्षकों के मुताबिक, पहले फसल कटाई और अब शादी के मौसम के चलते छात्र स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। उनका कहना है कि अभिभावकों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वे समझें कि समय पर पढ़ाई ही सफलता की कुंजी है।
डीआईओएस ने दिए निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्कूलों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी।
- क्या कहते हैं आंकड़े?
अप्रैल से स्कूल खुलने के बावजूद उपस्थिति 50% से नीचे।
फसल कटाई और शादियों के कारण छात्र अनुपस्थित।
शिक्षकों को पाठ्यक्रम पूरा करने में चुनौती का सामना।
शिक्षा विभाग का मानना है कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से ही इस स्थिति में सुधार हो सकता है।








