
- सीमा समृद्धि लड़ेंगी IIT छात्रा का केस
- ACP मोहसिन पर रेप और लव जिहाद के आरोप
- हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
कानपुर | IIT कानपुर की एक रिसर्च स्कॉलर द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे ACP मोहसिन के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। निर्भया केस की वकील रहीं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि अब इस केस को लड़ेंगी। उन्होंने इसे सिर्फ यौन शोषण नहीं, बल्कि रेप और लव जेहाद का मामला बताया है और पीड़िता को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली है।
कोर्ट की शरण में पहुंचीं छात्रा, हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
IIT छात्रा ने बताया कि हाईकोर्ट से ACP मोहसिन को मिली गिरफ्तारी और चार्जशीट पर स्टे ऑर्डर के बाद उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। छात्रा ने अब सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि को केस सौंपा है। सीमा ने साफ कहा है कि वह हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी।
सीमा समृद्धि बोलीं— “यह केस रेप और लव जेहाद का है”
सीमा समृद्धि ने कहा कि यह केवल शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न का नहीं, बल्कि रेप और लव जेहाद का गंभीर मामला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट की मदद से छात्रा पर गलत तरीके से क्रॉस FIR दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि उनके पास FIR रद्द कराने के पर्याप्त कानूनी आधार हैं।
चार्जशीट पर स्टे का पहला मामला—सीमा समृद्धि
सीमा ने कहा, “यह पहली बार है जब हाईकोर्ट ने चार्जशीट पर भी स्टे दिया है। मैं इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दूंगी और जल्द से जल्द आरोपी को सजा दिलाऊंगी। मेरी लीगल टीम इस पर काम शुरू कर चुकी है।”
पीड़िता दिल्ली पहुंची, अधिवक्ता को सौंपे दस्तावेज
पीड़ित छात्रा ने बताया कि उन्हें IIT निदेशक की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने दिल्ली जाकर अधिवक्ता सीमा समृद्धि से मुलाकात की और सभी दस्तावेज सौंपे। अधिवक्ता ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि क्रॉस FIR रद्द कराई जाएगी और हाईकोर्ट के स्टे को खारिज कराया जाएगा।
छात्रा बोली— “भले जेल जाऊं, आरोपी को सजा दिलाकर रहूंगी”
छात्रा ने कहा, “अगर मुझे जेल भी जाना पड़े, तो भी मैं पीछे नहीं हटूंगी। मोहसिन ने झूठी FIR दर्ज कराकर मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। अब इस लड़ाई को आखिरी मुकाम तक ले जाऊंगी।”








