
- कृषक कल्याण के लिए फार्मर रजिस्ट्री को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश
- ग्राम पंचायतों में अप्रैल माह भर चलेंगे किसान पंजीकरण शिविर
- लेखपाल स्तर पर लंबित रजिस्ट्रियों के निस्तारण को तीन दिन की समयसीमा
अम्बेडकरनगर। जिले में किसानों के समग्र विकास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर फार्मर रजिस्ट्री योजना को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि लेखपाल स्तर पर लंबित करीब 80,000 फार्मर रजिस्ट्री मामलों का अनुमोदन तीन दिन के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह घोषणा भी की कि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष रजिस्ट्रेशन शिविर आयोजित किए जाएंगे, जो केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि किसान जागरूकता और भागीदारी का उत्सव होंगे।
जिलाधिकारी ने सभी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों से अपील की कि वे पूरी सक्रियता के साथ फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करें, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच सके।
कृषक स्वाभिमान का यज्ञ बने यह अभियान
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के अधिकारों को जागृत करने का माध्यम है। यदि इसे जनआंदोलन की भावना से संचालित किया जाए, तो यह अभियान ‘कृषक स्वाभिमान यज्ञ’ में तब्दील हो सकता है, जहाँ प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी यजमान की भूमिका निभाएगा।
रजिस्ट्री है कृषि नीति की आत्मा
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी सिंह ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री मात्र एक कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह राज्य की हर कृषि योजना की आधारशिला है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ सीधे हकदार किसान को मिले।
जिला प्रशासन की यह पहल जिले में कृषि विकास को सशक्त और समावेशी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।








