
- निर्माण में देरी पर क्यों भड़के अधिकारी?
- आवास योजनाओं में लापरवाही कब तक सहन की जाएगी?
- लाभार्थियों को मिली अंतिम चेतावनी
अम्बेडकरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों का निर्माण न करने वाले लाभार्थियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना निदेशक अनिल सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराने वाले लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
38 PMAY और 6 CM आवास अभी तक अधूरे
बुधवार को विकासखंड जहांगीरगंज के डवाकरा हॉल में आयोजित बैठक में परियोजना निदेशक ने बताया कि 2016-17 से अब तक ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 38 प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और 6 मुख्यमंत्री आवास योजना के आवासों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह शिथिलता सरकार की प्राथमिकता वाली योजना के क्रियान्वयन में गंभीर चूक है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लाभार्थियों को जिम्मेदार ठहराया, वसूली और योजना से वंचित करने की चेतावनी
बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारियों और लाभार्थियों को बुलाकर स्थिति की समीक्षा की गई। लाभार्थियों से पूछा गया कि योजना की सभी किश्तें मिलने के बावजूद निर्माण क्यों नहीं कराया गया? कई लाभार्थियों द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जताते हुए परियोजना निदेशक ने चेतावनी दी कि यदि लाभार्थी स्वीकृत राशि का सही उपयोग नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ धन वसूली की कार्रवाई की जाएगी और भविष्य की सरकारी योजनाओं से वंचित किया जा सकता है।
ग्राम पंचायतों को दिए गए निर्देश
परियोजना निदेशक ने ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन निर्माण प्रगति की निगरानी करें और लाभार्थियों को आवास जल्द पूरा कराने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, निर्माण की गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों की ब्लॉक स्तर पर फिर से समीक्षा की जाएगी और प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाएगी।
आखिरी चेतावनी, एफआईआर तक की कार्रवाई का इशारा
बैठक के अंत में परियोजना निदेशक ने स्पष्ट किया कि सभी अधूरे आवासों का निर्माण तुरंत पूरा कराया जाए। यदि लाभार्थी अब भी लापरवाही बरतते हैं, तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जा सकती है।








