
- घरेलू उड़ानों पर बढ़ा अतिरिक्त शुल्क
- वैश्विक बाजार में ईंधन कीमतों में तेजी का असर
- 8 अप्रैल 2026 से लागू होंगी नई दरें
देश की प्रमुख विमान सेवा Air India ने घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार बढ़ाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद हवाई यात्रा करना महंगा हो जाएगा। नई दरें 8 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
कंपनी के अनुसार, वैश्विक बाजार में विमान ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। जेट ईंधन की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं, जिससे संचालन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में ईंधन की औसत कीमत करीब 195 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में लगभग 99 डॉलर प्रति बैरल थी।
इससे पहले IndiGo भी ईंधन अधिभार बढ़ाने का निर्णय ले चुकी है, जिससे साफ है कि बढ़ती ईंधन कीमतों का असर पूरे विमानन क्षेत्र पर पड़ रहा है।
ईंधन अधिभार वह अतिरिक्त शुल्क होता है, जिसे टिकट के मूल किराए के अलावा जोड़ा जाता है। जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो विमान कंपनियां इस अतिरिक्त शुल्क के जरिए अपने बढ़ते खर्चों की भरपाई करती हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रियों को हवाई सफर के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है।









