
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर के मंडी समिति परिसर स्थित गेहूं खरीद केंद्र पर किसानों से रिश्वत लेने के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि एफसीआई से जुड़े खरीद केंद्र पर गेहूं की तौल कराने के लिए प्रति क्विंटल 70 से 100 रुपये तक की मांग की जा रही है।
किसानों के अनुसार, बिना पैसे दिए उनकी फसल की तौल में देरी की जाती है। कई बार घंटों इंतजार कराया जाता है और अलग-अलग कारण बताकर प्रक्रिया रोक दी जाती है। किसानों का आरोप है कि रिश्वत देने के बाद ही तौल और खरीद की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाती है।
तौल में अनियमितता के भी आरोप
कई किसानों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि तौल के दौरान कम वजन दिखाने और अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर दबाव बनाया जाता है। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद केंद्र पर सुविधाएं मिलने के बजाय उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
इस बार जिले में गेहूं की अच्छी पैदावार हुई है। बड़ी संख्या में किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्र पहुंच रहे हैं। हालांकि, रिश्वतखोरी के आरोपों के चलते कई किसान निजी व्यापारियों को कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
किसानों ने कार्रवाई की मांग उठाई
खरीद केंद्र पर बढ़ती शिकायतों से सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









