राज्यपाल ने किया अंबेडकरनगर के प्रो. इंद्रजीत सिंह की पुस्तक का विमोचन

राजभवन में ‘बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का पुनर्मूल्यांकन’ का लोकार्पण, 28 वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दे रहे सेवाएं

अंबेडकरनगर। जिले के अलमापुर अमरतल गांव के मूल निवासी प्रोफेसर डॉ. इंद्रजीत सिंह की शोधपरक पुस्तक ‘बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का पुनर्मूल्यांकन’ का विमोचन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 9 अक्टूबर को राजभवन में किया। पुस्तक में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, योगदान और व्यक्तित्व का शोधपरक दृष्टिकोण से पुनर्मूल्यांकन किया गया है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह उत्तर प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में 28 वर्षों से अधिक समय से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वह अंबेडकरनगर के अमरतल स्थित ज्ञान स्मारक महिला महाविद्यालय के संरक्षक भी हैं। उनके 15 से अधिक शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
बाबा साहब के विचारों और योगदान पर केंद्रित पुस्तक
पुस्तक में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, सामाजिक योगदान और व्यक्तित्व को शोध के आधार पर समझने का प्रयास किया गया है। इसका विमोचन उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में डॉ. इंद्रजीत सिंह की लेखकीय यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राज्यपाल के प्रति जताया आभार
पुस्तक विमोचन के बाद डॉ. इंद्रजीत सिंह ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के हाथों पुस्तक का विमोचन उनके लिए यादगार अवसर है। इस दौरान उन्हें राज्यपाल से मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला। विभिन्न विषयों और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा का अवसर भी प्राप्त हुआ।डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रोत्साहन से उन्हें शोध, लेखन और ज्ञान के क्षेत्र में आगे काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
परिवार के सदस्य भी रहे मौजूद
पुस्तक विमोचन के अवसर पर डॉ. इंद्रजीत सिंह की पत्नी डॉ. पुष्पा सिंह, उनकी अनुज-वधू डॉ. अमिता सिंह और पुत्र कुणाल सिंह उपस्थित रहे। डॉ. अमिता सिंह समाजशास्त्र की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

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