- लक्ष्मी आजीविका स्वयं सहायता समूह की खाद को मिली सराहना
- किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्यशाला कराने के निर्देश
अम्बेडकरनगर। एनटीपीसी से निकलने वाली बॉटम ऐश का उपयोग कर तैयार की जा रही जैविक खाद की पहल को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने शुक्रवार को टांडा विकासखंड की ग्राम पंचायत वड्डूपुर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने लक्ष्मी आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार की जा रही जैविक खाद की गुणवत्ता देखी और समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।
समूह की अध्यक्ष सुमित्रा यादव ने बताया कि जैविक खाद निर्माण का प्रशिक्षण उन्होंने बेगूसराय, बिहार से प्राप्त किया है। इसके बाद समूह की महिलाओं के सहयोग से एनटीपीसी द्वारा उत्सर्जित बॉटम ऐश से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा रही है।
महिलाओं की पहल से आजीविका और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
जिलाधिकारी ने तैयार की गई जैविक खाद का अवलोकन कर उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की इस पहल को ग्रामीण आजीविका संवर्धन और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने समूह की महिलाओं को भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बनाए रखने और खाद के बेहतर विपणन की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
एनटीपीसी क्षेत्र के किसानों को जोड़ने की तैयारी
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि विकासखंड स्तर पर उपायुक्त स्वतः रोजगार की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यशाला आयोजित कराई जाए। इसमें किसानों को जैविक खाद के उपयोग और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी जाए।
उन्होंने विशेष रूप से एनटीपीसी के आसपास के गांवों के किसानों को इस खाद की खरीद और उपयोग के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसान जैविक खेती की ओर बढ़ सकें।









