अम्बेडकरनगर। बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत जन विकास संस्थान ने जिले में बाल ट्रैफिकिंग के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की घोषणा की है। संस्थान ने कहा कि सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से बच्चों की ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ट्रैफिकिंग में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा।
यह घोषणा विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) के सहयोगी संगठनों ने वर्ष 2030 तक देशभर में ‘नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ चलाने का निर्णय लिया। जन विकास संस्थान भी इस नेटवर्क का सहयोगी संगठन है।
संस्थान के निदेशक राजमणि ने कहा कि ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए आर्थिक रूप से कमजोर और हाशिये पर रहने वाले परिवारों की पहचान की जाएगी। ऐसे परिवारों और उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास होगा, ताकि बच्चे शिक्षा जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के झांसे में न आएं।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत बाल ट्रैफिकिंग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें।
संस्थान का कहना है कि अभियान का उद्देश्य जिले में बाल ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाना, संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत करना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।









