नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना की सफाई और जल आपूर्ति से जुड़ी 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 33 का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं पर कुल 9,141 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई।
इस दौरान अमित शाह ने कहा कि ये परियोजनाएं यमुना की सफाई में रीढ़ की हड्डी साबित होंगी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के एक महीने के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना की सफाई को लेकर दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के साथ बैठक कर लक्ष्य तय किए थे।
‘मई 2029 से पहले यमुना साफ करके आएंगे’
अमित शाह ने यमुना को निर्मल बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि मई 2029 से पहले नदी को साफ करके जनता के बीच आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली को ऐसा शहर बनाना चाहती है, जहां घर सुंदर हों, पीने का पानी शुद्ध मिले, गलियां साफ रहें और कूड़े के पहाड़ खत्म हों।
उन्होंने कहा कि यमुना को साफ कर ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे नदी संगम तक लोगों को आशीर्वाद देती हुई पहुंचे। शाह के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना की सफाई को बड़े संकल्प के रूप में लिया है।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवर लाइन पर जोर
गृह मंत्री ने बताया कि परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के उन्नयन, नए प्लांट लगाने और सीवर लाइन बिछाने से जुड़े काम शामिल हैं। किराड़ी समेत कई कॉलोनियों में घर-घर सीवर लाइन उपलब्ध कराने और जल निकासी व्यवस्था बेहतर करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए करीब 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा के प्रयासों से तैयार किए जाने का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस और केजरीवाल सरकार पर लगाए आरोप
अमित शाह ने कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों में यमुना में गटर का गंदा पानी और प्रतिदिन करीब 2,000 टन गोबर डाला जाता रहा।
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र, दिल्ली और हरियाणा में अलग-अलग दलों की सरकारें होने के कारण औद्योगिक अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकने के लिए प्रभावी समन्वय नहीं हो पाया। शाह के मुताबिक, अब केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं और चारों मिलकर एक इकाई की तरह काम कर रही हैं।








