अम्बेडकरनगर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन जोखिमों को देखते हुए ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में आयोजित हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य साइबर फ्रॉड से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस वर्ष ‘सेफर इंटरनेट डे’ की थीम “Smart Tech, Safe Choices – Exploring the Safe and Responsible Use of AI” निर्धारित की गई, जिसके अनुरूप कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर विशेष फोकस किया गया।
साइबर सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
कार्यशाला की अध्यक्षता अपर उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट राजेश कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा एक गंभीर विषय बन चुका है। सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों के माध्यम से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
पीपीटी प्रस्तुतीकरण से दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर ठगी की जाती है।








