अम्बेडकरनगर। अकबरपुर स्थित कटारिया बाग में मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ता सम्मेलन ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। मंच से प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को लेकर तीखे सवाल उठाए और इसे राजनीतिक दिखावा बताया।
‘पीडीए’ नारा या राजनीतिक रणनीति, बसपा ने उठाए सवाल
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा का पीडीए नारा जमीन पर उतना प्रभावी नहीं दिखता, जितना मंचों से प्रचारित किया जाता है। उन्होंने इसे ‘राजनीतिक ढोंग’ बताते हुए कहा कि जनता अब वास्तविकता और प्रचार के फर्क को समझने लगी है।
उन्होंने दावा किया कि सपा की राजनीति में परिवार केंद्रित निर्णय प्रमुख भूमिका निभाते हैं, जबकि सामाजिक न्याय का दावा केवल भाषणों तक सीमित रहता है।
परिवारवाद पर केंद्रित रहा हमला
सम्मेलन में बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण और संगठनात्मक फैसलों में सीमित परिवारों का प्रभाव स्पष्ट दिखता है।
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कई क्षेत्रों में एक ही परिवार के लोग अलग-अलग सीटों पर चुनाव लड़ते हैं, जिससे पार्टी की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं।
ब्राह्मण समाज को लेकर बसपा का दावा
ब्राह्मण मतदाताओं के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बसपा ने हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर राजनीति की है। उन्होंने 2007 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की सामाजिक समीकरण रणनीति को प्रदेश में व्यापक समर्थन मिला था।
अकबरपुर सीट से प्रत्याशी का ऐलान
कार्यकर्ता सम्मेलन का सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत अकबरपुर विधानसभा सीट को लेकर रहा। प्रदेश अध्यक्ष ने मनोज वर्मा को इस सीट का प्रत्याशी और प्रभारी घोषित किया।
घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और इसे संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।









