- ऑपरेशन अशदर में मारा गया था लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी
- SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की संयुक्त टीम ने बरामद किए अवशेष
- मौके से नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी मिली, स्थानीय नेटवर्क की जांच शुरू
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में करीब सात दिन पहले ऑपरेशन अशदर के दौरान मारे गए पाकिस्तानी आतंकी का शव सुरक्षाबलों ने बरामद कर लिया है। आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यासिर पाकिस्तानी नागरिक था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा हुआ था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान मारे गए आतंकी के अवशेष बरामद किए हैं।
संयुक्त टीम ने चलाया तलाशी अभियान
पुलिस के मुताबिक, SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान आतंकी के अवशेष बरामद किए गए। इस दौरान नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी सुरक्षाबलों के हाथ लगी।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकी मुठभेड़ के बाद इलाके में छिपा हुआ था। लगातार तलाशी अभियान चलाकर उसके शव का पता लगाया गया।
5 सितंबर को हुई थी यासिर की पहचान
अधिकारियों ने 5 सितंबर को ऑपरेशन अशदर में मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के तौर पर की थी। जांच में उसके पाकिस्तानी नागरिक होने और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
सुरक्षा बलों ने उस समय भी आतंकियों और उनके मददगारों को कड़ा संदेश दिया था कि वे कहीं भी छिपने की कोशिश करें, सुरक्षा एजेंसियां उन्हें तलाश लेंगी।
4 सितंबर को शुरू हुआ था ऑपरेशन
बडगाम के अशदर गली इलाके में 4 सितंबर को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं।
सुरक्षाबलों ने जब संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया था। मौके से AK राइफल और अन्य युद्ध संबंधी सामान भी बरामद किया गया था।









