नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने छह राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्यक्रम बदल दिया है। आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, कटवाने या किसी तरह की गड़बड़ी को लेकर दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
वहीं, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में नोटिस के निस्तारण की समयसीमा बढ़ाई गई है। नए कार्यक्रम के मुताबिक महाराष्ट्र समेत पांच राज्यों में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी होगी, जबकि दिल्ली में फाइनल वोटर लिस्ट 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
इस बदलाव को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अहम माना जा रहा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा था कि जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव नहीं होने हैं, वहां SIR की प्रक्रिया में इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने पर्याप्त समय देने पर दिया था जोर
28 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए थे। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया था कि मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, उन्हें दावा-आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
अदालत की टिप्पणी के बाद आयोग ने संबंधित राज्यों में पुनरीक्षण कार्यक्रम की समयसीमा में बदलाव किया है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को अपनी जानकारी ठीक कराने और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त अवसर देना है।
पांच राज्यों में 30 नवंबर, दिल्ली में 22 दिसंबर को फाइनल लिस्ट
चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीखों में बदलाव किया गया है।
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30 नवंबर: महाराष्ट्र समेत पांच राज्यों में अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
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22 दिसंबर: दिल्ली में फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी।
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चार राज्यों में बदलाव: आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में नोटिस के निस्तारण की समयसीमा बढ़ाई गई है।
इस बदलाव से संबंधित राज्यों के मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
तीन बड़ी बातें
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छह राज्यों में बदलाव: चुनाव आयोग ने SIR की समयसीमा में संशोधन किया, दिल्ली और महाराष्ट्र में दावा-आपत्ति के लिए अतिरिक्त समय दिया।
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फाइनल वोटर लिस्ट की तारीख: पांच राज्यों में 30 नवंबर और दिल्ली में 22 दिसंबर को अंतिम सूची जारी होगी।
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36.73 करोड़ वोटरों का सत्यापन: SIR के तीसरे चरण में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं का वेरिफिकेशन होगा।









