
CBI कोर्ट लखनऊ ने केवी प्रिंसिपल को रिश्वतखोरी में दोषी ठहराया
प्रिंसिपल तसद्दुक़ खान ने कैंटीन टेंडर के लिए रिश्वत मांगी
सौदेबाज़ी के तहत 25 हजार रुपए लिए गए
लखनऊ। राजधानी की CBI कोर्ट ने केन्द्रीय विद्यालय-1, एयरफोर्स स्टेशन चकेरी, कानपुर के तत्कालीन प्रिंसिपल तसद्दुक़ खान को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार देते हुए चार साल की जेल और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला स्कूल कैंटीन संचालन और भुगतान से जुड़ा था।
जांच में सामने आया कि प्रिंसिपल ने कैंटीन संचालन के टेंडर पास कराने के लिए शिकायतकर्ता से 51 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाज़ी के तहत 25 हजार रुपए लेने पर सहमति बनी। यह रकम पहले से किए गए 1 लाख 73 हजार 430 रुपए के भुगतान के बदले और भविष्य में कैंटीन संचालन को बिना बाधा जारी रखने के एवज में मांगी गई थी।
CBI की कार्रवाई
CBI ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 30 सितंबर 2016 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और स्वीकार करने से जुड़े साक्ष्य अदालत में पेश किए गए।
अदालत का फैसला
लगभग 9 साल चली सुनवाई के बाद CBI कोर्ट लखनऊ ने तसद्दुक़ खान को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है।
यह फैसला सरकारी पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने वालों के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है।








