
अंबेडकरनगर। मनरेगा को बचाने और इसके महत्व को ग्रामीण जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से कांग्रेस गांव-गांव चौपाल लगाएगी। यह घोषणा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार गारंटी के रूप में मनरेगा को केंद्र की कांग्रेस सरकार ने लागू किया था, लेकिन वर्तमान समय में इस कानून को कमजोर किया जा रहा है।
ब्लाकवार चौपाल लगाने का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से जनपद के सभी विकासखंडों में ब्लाकवार चौपाल लगाने का निर्णय लिया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार 22 जनवरी को अकबरपुर, 23 जनवरी को कटेहरी, 24 जनवरी को भीटी, 25 जनवरी को बसखारी, रामनगर और जहांगीरगंज, 27 जनवरी को जलालपुर तथा 28 जनवरी को भियांव विकासखंड में चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से मनरेगा से जुड़े मुद्दों को ग्रामीणों के बीच रखा जाएगा।
मनरेगा को बताया गरीबों का कानूनी अधिकार
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के जिला कोऑर्डिनेटर अमित जायसवाल ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना को कमजोर कर लोगों का हक छीनने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि रोजगार के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
जनविरोधी नीतियों का आरोप
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव मो अनीश खान ने कहा कि सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं, जिसका असर सीधे गरीब और कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर सरकार की उदासीनता लगातार सामने आ रही है।









