
अम्बेडकरनगर। केंद्र की भाजपा सरकार पर कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई जनहितैषी योजनाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा के नाम परिवर्तन के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह धरना दोस्तपुर चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष आयोजित हुआ, जिसकी अगुवाई जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने की।
कांग्रेस शासनकाल की योजनाओं पर केंद्र का निशाना: कृष्ण कुमार यादव
धरने को संबोधित करते हुए कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने की साजिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष रूप से कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई योजनाओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी देने वाली महत्वपूर्ण योजना रही है, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के चलते इसका मूल स्वरूप प्रभावित हुआ है।
मनरेगा की शुरुआत और उद्देश्य पर जोर
धरने में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत वर्ष 2005 में कांग्रेस शासनकाल में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और गांवों में नकद आय का प्रवाह बढ़ाना था। नेताओं का आरोप था कि केंद्र सरकार ने योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसके ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को कम करने का प्रयास किया है।









